सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

FASTag के बारे में सारी जानकारी।

FASTag के बारे में सारी जानकारी।

FASTag

FASTag है क्या?
टोल प्लाज़ा पर वाहनों के आवागमन को कम करने के लिए, भारत सरकार (GOI) ने सभी टोल प्लाज़ा पर 15 दिसंबर, 2019 तक टोल भुगतान इलेक्ट्रॉनिक बनाना अनिवार्य कर दिया है। इस आदेश के साथ, टोल प्लाज़ा से यात्रा करने वाले सभी वाहनों को अनिवार्य रूप से जाना होगा  FASTag का उपयोग करके टोल शुल्क का भुगतान करें।

FASTag का उपयोग बहोत ही सरल है, पुनःउपयोग करने योग्य टैग जो टोल शुल्क की स्वयं ही भरपाई करता है और आपको नकद लेनदेन के लिए बिना रुके टोल प्लाजा से गुजरने देता है।  FASTag एक प्रीपेड खाते से जुड़ा हुआ है जिसमें से लागू टोल राशि काटी जाती है।  टैग रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक से बना हुआ है और टैग अकाउंट के सक्रिय होने के बाद वाहन की विंडस्क्रीन पर चिपका दिया जाता है।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर परेशानी मुक्त यात्रा के लिए FASTag एक सही समाधान है।  FASTag वर्तमान में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर 407 टोल प्लाजा में सक्रिय हो चुका है। भविष्य में और अधिक टोल प्लाज़ा को फास्टैग कार्यक्रम के तहत लाया जाएगा।

सरकार FASTag को कब से लागू कर रही हैं?
NHAI तैयारियां शरु हो चुकी हैं। वर्तमान में इसके नेटवर्क में कुल 537 टोल प्लाजा हैं। उनमें से 17 को छोड़कर, शेष टोल प्लाजा लेन 30 नवंबर तक FASTag से लैस हो जाएंगे। अन्य टोल प्लाजा अभी भी बनाए जा रहे हैं। इस वजह से, इलेक्ट्रॉनिक रूप से टोल टैक्स के भुगतान की सुविधा शुरू नहीं हो पाई है।

FASTag

FASTag को 15 दिसंबर तक ट्रक, कार, जीप सहित सभी वाहनों के लिए नि:शुल्क किया गया है। दिल्ली NCR के 50 पेट्रोल पंपों पर इसे मुफ्त दिया जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राज्यमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, इस FASTag का उपयोग एयरपोर्ट, शॉपिंग मॉल, पेट्रोल पंपों से ईंधन लेने के लिए भी किया जा सकता है। हैदराबाद एयरपोर्ट पर ये सुविधा शुरू की गई है। इसके अलावा, FASTag को पार्किंग शुल्क देकर और पेट्रोल या डीजल भरकर उसमें अच्छा खासा डिस्काउंट भी प्राप्त हो सकता है। 2017 में केवल 7 लाख FASTag जारी किए गए थे जबकि वर्तमान में 66 लाख 19 हजार फास्ट टैग जारी किए गए हैं।

क्या अगले महीने से दुगना टॉल टैक्स देना होगा?
सरकार ने फैसला किया है कि अगले महीने, जिन वाहनों के पास FASTag नहीं है, उन्हें इलेक्ट्रॉनिक टोल लेन के लिए दो बार टोल का भुगतान करना होगा। उस समय हर लेन इलेक्ट्रॉनिक होंगी जिस के लिए FASTag जरूरी होगा।

FASTag कहां से प्राप्त हो सकता है?
राज्य के सारे RTO कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।
FASTag ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर से भी खरीदा जा सकते हैं जैसे कि Paytm। FASTag की जानकारी MyFASTag ऐप से प्राप्त की जाएगी और इस ऐप का उपयोग करके आप अपने FASTag का रिचार्ज ऑनलाइन कर सकते है।

FASTag

FASTag की जानकारी कहा से प्राप्त होगी?
MyFASTag ऐप का उपयोग करके आप अपने फास्टैग को अपने मोबाइल फोन से कनेक्ट कर सकते हैं। इसमें उपयोगकर्ता को वाहन पंजीकरण नंबर दर्ज करना होगा, जो FASTag को सक्रिय करेगा। ऐप पर UPI के भुगतान के साथ, उपयोगकर्ता अपने FASTag को रिचार्ज करने में सक्षम होगा।

यदि टोल प्लाजा के स्कैनर में दोष है और यह आपके FASTag को स्कैन नहीं कर सकता है, तो ड्राइवर इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा। इस मामले में ड्राइवर को कोई पैसा नहीं देना होगा और वह मुफ्त टोल से गुजर सकेगा। सभी टोल पर इसका एक बोर्ड लगाने को कहा गया है, ताकि जागरूकता फैलाई जा सके।

FASTag को ठीक से स्कैन नहीं किया जा रहा हो, फास्ट टैग में कोई नुकसान या उसके फट जाने या टोल का भुगतान करने में असमर्थ होने पर, हेल्पलाइन नंबर 1033 पर संपर्क करें या फ़िर NHAI की वेबसाइट www.ihmcl.com पर या MyFASTag मोबाइल ऐप पर जाकर FASTag से जुड़ीं किसी भी समस्याओं पर अपने प्रश्नों का हल प्राप्त कर सकते है।

NHAI के 1033 टोल फ्री नंबर से FASTag की जानकारी
प्राप्त कर सकते हैं और यही पर FASTag के बारे में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। 8 से 14 नवंबर तक टोल फ्री नंबर पर 5653 शिकायतें आई हैं, 5653 शिकायतों में से टोटल 5301 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है।

 देश में FASTag के 28376 केंद्र बनाए जा चुके है और
 23 बैंकों को FASTag की सुविधा के साथ जोड़ा गया है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अब बिना नेटवर्क के भी फोन पर कॉल की जा सकती है, VoWiFi के जरिए।

अब बिना नेटवर्क के भी फोन पर कॉल की जा सकती है, VoWiFi के जरिए।

अगर आप airtel या Jio सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं तो यह जानकारी आपके लिए है क्योंकि आप बिना मोबाइल नेटवर्क से भी आपके मोबाइल फोन पर आराम से बात कर सकते हैं।  airtel और jio ने अपनी Voice Over WiFi सेवा VoWiFi को लॉन्च कर दिया है। अब तक 4G यूजर्स VoLTE के जरिए कॉल करते थे, यानी Voice Over LTE पर अब WiFi के जरिए वॉयस Voice Over WiFi  (VoWiFi) के जरिए भी कोल कर सकते हैं।

VoWiFi क्या है?


WiFi के जरिए Voice Over WiFi  (VoWiFi) अपना काम करता है।

इसकी Voice Over Ip को VoIp भी कहा जाता है।  VoWiFi से आप घर के WiFi, पब्लिक WiFi और WiFi हॉटस्पॉट के उपयोग से कॉल कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपके मोबाइल में नेटवर्क नहीं है, तो आप किसी भी WiFi या हॉटस्पॉट के माध्यम से फोन पर आराम से बात कर सकते हैं। VoWiFi का सबसे बड़ा लाभ रोमिंग में होगा, क्योंकि आप मुफ्त में WiFi के माध्यम से बात करेंगे।

अपने फोन पर WiFi से कैसे बात करें?

अगर आपको अभी भी समझ नहीं आ रहा है कि VoWiFi कॉलिंग क्या है, तो हम आपको उदाहरण के द्वारा समझाएंगे।  जैसे आप Whats…

कोरोना-वायरस: चीन में कोरोना-वायरस के सक्रमण के कारण भारत के N95 मास्क की माँग में बढ़ोतरी, दोगुना उत्पादन शरू।

चीन में हाहाकार मचाने के बाद अब कोरोना-वायरस लगभग 21 अलग अलग देशों में फैल चुका है। चीन ने कोरोना-वायरस से अपने लोगों को बचाने के लिए एक वैक्सीन का आविष्कार किया है। दूसरी ओर, डॉक्टरों ने कोरोना-वायरस से बचने के लिए घर से बाहर निकलते समय N95 मास्क पहनने की सलाह दी है। जिसके कारण N95 मास्क की मांग बढ़ गई है। भारत पर भी इसका असर देखा जा रहा है।, जानें इस मास्क का भारत के बाजारों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

• चीन के कोरोना-वायरस से भारतीय N95 मास्क निर्माता कंपनियों का फायदा।

• N95 मास्क की मांग से भारतीय कंपनियों ने उसका उत्पादन दोगुना किया।

• N95 मास्क निर्माता कंपनियों के कामकाजी समय मे हुई बढोति। 


N95 मास्क ही क्यों?
 N95 मास्क एक सुरक्षात्मक उपकरण है जो यदि सही तरीके से उपयोग किया जाता है, तो किसी भी एरोसोल, छोटी से छोटी बूंद, औऱ वायु-जनित संक्रमण को श्वसन से रोकने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

 N95 मास्क बहुत छोटे, 0.3 माइक्रोन कणों का 95% तक ब्लॉक करता है।

 N95: N का अर्थ है NIOSH और 95 के लिए न्यूनतम 95% निस्पंदन दक्षता (0.3-माइक्रोन के छोटे कण जैसे कि एरोसोल और बड़ी बूंदों के लिए) है।
 स…

यदि आपकी नौकरी चली जाती है, तो आपको 2 साल के लिए मिलेगा पैसा - सरकार का बड़ा बयान।

यदि आप प्राइवेट कम्पनि में नौकरी करते हैं और अचानक आपकी नौकरी चली चली जाय तो आप क्या करेंगे?


इसके लिए सरकार प्राइवेट कम्पनियों में नौकरी कर रहे कर्मचारियों के लिए एक बड़ी योजना लेकर आई है। यदि कुछ सँजोग के तहत आप अपनी रोजगार खो चुके हों तो सरकार आपको 24 महीने यानी की पूरे 2 साल के लिए आपको अपना जीवन निर्वाह करने हेतु धन राशि देगी। प्राइवेट कम्पनियों के कर्मचारियों को कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी और इसके साथ ही व्यक्ति कल्याण योजना के तहत सहायता प्रदान की जाएगी।


ESIC है क्या?

कर्मचारी राज्‍य बीमा निगम (Employee State Insurance Corporation), भारतीय कर्मचारियों के लिये बीमा धनराशि का प्रबन्धन करता है। कर्मचारी राज्‍य बीमा, भारतीय कर्मचारियों के लिये चलायी गयी स्व-वित्तपोषित सामाजिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य बीमा योजना है। सभी स्थायी कर्मचारी जो 21,000 रूपये प्रतिमाह से कम वेतन पाते हैं, इसके पात्र हैं। इसमें कर्मचारी का योगदान 0.75 प्रतिशत तथा रोजगार प्रदाता का योगदान 3.25 प्रतिशत होता है।

रोजगार छूटने का मतलब आय की हानि नहीं है,ईएसआईसी रोजगार की अनैच्छिक…