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ऑस्ट्रेलिया में आग कैसे लगी? आग बुझने के बाद कि समस्याए और आप कैसे ऑस्ट्रेलिया की मदद कर सकते हो।


 ऑस्ट्रेलिया के जंगल की आग अब बुझने लगी है क्योंकि पिछले कई दिनों से वहाँ कई जगहों पर बारिश हुई है। लेकिन पिछले साल दिसंबर में, ऑस्ट्रेलिया में भयानक आग लगी औऱ वो छह महीने तक फैलती रही। इस आग से लगभग 28 लोग और 1 करोड़ जीव जंतु मारे गए, आग में 3000 से अधिक घर नष्ट हो गए औऱ 179 लाख एकड़ जमीन जल गई।

 इस आग को रोकने का प्रयास किया जा सकता था, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इसके लिए पहले से तैयारी नहीं कि थी। जब की उन्हें इस बात का पता 12 साल पहले ही चल गया था, की ऑस्ट्रेलियाई जंगल में ऐसी भयानक आग लग सकती हैं और इससे बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता हैं।

 ऑस्ट्रेलियाई सरकार को 2008 में एक रिपोर्ट मिली थी, जिसमें कहा गया था की, "यदि जलवायु परिवर्तन इसी तरह जारी रहता है और ग्लोबल वार्मिंग भी जारी रहती है, तो इसके कारण 2020 के पहले या उसकी शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया में विनाशकारी आग लग सकती  है। और ऑस्ट्रेलिया का तापमान काफी अधिक बढ़ सकता है।"  पिछले 6 महीनों से वहाँ जंगलो में लगी आग के कारण ऑस्ट्रेलिया का औसत तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक हो गया था।


 16 जनवरी, 2020 के दिन संयुक्त राष्ट्र ने पिछले 140 सालों में 2019 को दूसरा सबसे अधिक तापमान वाला साल घोषित किया है। अगर ऑस्ट्रेलियाई सरकार को इस बारे में पता था, तो उन्होंने इसके बारे में कुछ क्यों नहीं किया? एक विज्ञान पत्रिका के अनुसार, 2008 में प्रकाशित एक रिपोर्ट गार्नौट अध्याय -5 (Garnaut Chapter-5) में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग से ऑस्ट्रेलिया में 2020 से पहले भयानक आग लग सकती है।

 न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी की स्कॉलर सारा पार्किंस किर्कपैट्रिक ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार फिलहाल इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है, लेकिन 2008 में इसकी भविष्यवाणी हो गई थी। यह रिपोर्ट ऑस्ट्रेलियाई सरकार द्वारा कमीशन की गई थी। पूरे ऑस्ट्रेलिया को पता था कि 2020 के अंत से पहले जंगल की आग फैल जाएगी, लेकिन इसके बावजूद सरकार द्वारा कुछ भी नहीं किया गया।

 16-पृष्ठ के गार्नौट अध्याय -5 रिपोर्ट के अनुसार, आग इस हद तक फैल जाएगी कि इसे नियंत्रित करना बहुत मुश्किल होगा।  सारा पर्किन्स किर्कपैट्रिक ने कहा कि लोग अब उन पहलू को देख रहे हैं जो इस रिपोर्ट में लिखे गए थे।


 ऑस्ट्रेलिया में, तापमान कैसे बढ़ा? 

 ऑस्ट्रेलिया में, तापमान दो स्थानों से बढ़ता है। पहला हिंद महासागर के द्विध्रुवीय क्षेत्र से, जो ऑस्ट्रेलिया से गर्म पानी और भाप खींचता है, औऱ दूसरा दक्षिणी कुंडलाकार क्षेत्र द्वारा जो ऑस्ट्रेलिया में गर्म औऱ शुष्क हवा बढ़ाता है।


 हिंद महासागर के द्विध्रुवीय क्षेत्र के पश्चिमी समुद्र में हवा बहोत गर्म होती हैं जिसके वज़ह से यहाँ बहोत कम बारिश होती है जब कि पूर्वी समुद्र में ठंडी हवाओं के कारण वहां औसतन ज़्यादा बारिश होती है।

 अत्यधिक गर्मी, लंबे समय तक सूखे और तेज हवाओं के संयोजन ने ऑस्ट्रेलिया की घातक आग को बढ़ावा दिया।

 ऑस्ट्रेलिया पिछले तीन महीनों में रिकॉर्ड तोड़ तापमान के साथ हीटवेव की चपेट में है। मध्य दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया ने इतिहास का सबसे गर्म दिन देखा - जिसका औसत तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस था।


  इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 120 साल पहले हो गईं थी जब वहाँ की वसंत ऋतु अत्यंत शुष्क बनी थी, जिसके तहत न्यू साउथ वेल्स और क्वींसलैंड में 2017 की शुरुआत से ही बारिश की कमी का सामना करना पड़ रहा था। आग की बढ़ोतरी के कारण पेड़-पौधे, झाड़ियाँ और घास इत्यादी के मैदान आग की लपटों में आ गये।


 पिछले 110 सालो के तापमान के अध्ययन से पता चलता है कि ऑस्ट्रेलिया का तापमान हर साल बढ़ता रहता है और पिछला साल 2019 तो, ऑस्ट्रेलिया के इतिहास में अब तक का सबसे गर्म साल रहा।


 पिछले 120 सालों में ओस्ट्रेलिया में हुईं बारिस का अध्ययन करे तो, हमें पता चलता है कि पिछले साल 2019 में ऑस्ट्रेलिया में सबसे कम बारिश हुई है यह भी एक वजह हैं कि ओस्ट्रेलिया में पिछले साल लगी आग सबसे विकराल और भयानक थी।


 भयानक आग के बाद सामने आ रही समस्याएं।

 आग के शांत होने के बाद ओस्ट्रेलिया में तरह तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं जिसमें प्रमुख है पीने के पानी की कमी, जिसके कारण इंसान और जानवर आमने सामने है। इस बात को जायज़ ठहरा कर ओस्ट्रेलिया सरकार ने वहाँ के ऊँटो को जान से मारने का फरमान जारी किया हैं।

 दूसरा कारण हवा का प्रदूषण है जिसके कारण कई तरह की बीमारी वहाँ फैल सकती है। आग से बचे हुए जानवरो को भूख से बचाने के लिए घास और पेड़-पौधे आदि कम पड़ सकते हैं।

 आग से पीड़ित जानवरों औऱ लोगों की तत्कालीन प्राथमिक सारवार करवानी होंगी। औऱ इन सब में हुए नुकसान से उभरने की शक्ति ओस्ट्रेलिया को चाहिए होंगी।


 वसुधैव कुटुम्बकम।

 इस मुसीबत के घड़ी पूरे विश्व ने वसुधैव कुटुम्बकम का नारा याद करवाया है, समग्र विश्व ऑस्ट्रेलिया के साथ हैं औऱ ऑस्ट्रेलियाई सरकार के फ़ंड में करोड़ो रूपये की मदद से यह पता चलता हैै।


 आप भी ऑस्ट्रेलिया के रिलीफ़ फ़ंड में अपना डोनेशन दे सकते हैं निचे दिए गए लिंक द्वारा आप ऑस्ट्रेलिया की मदद कर सकते हैं।


 मदद के लिए डोनेशन लिंक।

 फ़ायर डिपार्टमेंट ऑफ़ विक्टोरिया को डोनेट करने हेतु - यहाँ क्लिक करे

 फ़ायर डिपार्टमेंट ऑफ़ न्यू साउथ वेल्स को डोनेट करने हेतु - यहाँ क्लिक करे

 रूरल फ़ायर सर्विस ऑफ़  न्यू साउथ वेल्स को डोनेट करने हेतु - यहाँ क्लिक करे

 विक्टोरिया की सरकार को डोनेट करने हेतु - यहाँ क्लिक करे

 ऑस्ट्रेलियन रेड क्रॉस संस्था को डोनेट करनेकरने हेतु - यहाँ क्लिक करे

 ऑस्ट्रेलियन वर्ल्ड वाइल्ड फ़ंड को डोनेट करनेकरने हेतु - यहाँ क्लिक करे


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