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अब भारत का हर नागरिक देश के किसी भी कोने से 'वोट' कर सकेगा।





 भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र माना जाता है। जिसमें अनुमानित 130 करोड़ लोग हैं इनमें से 90 करोड़ लोगों के पास मतदान करने का अधिकार है यानी कि 69.23% लोग वोट कर सकते हैं। लेकिन इनमें से अंदाज़न 30% ऐसे भी मतदाता है, जिनके मतदाता सूची में अपने नाम होने के बावजूद भी वे मतदान से वंचित हैं।, क्योंकि वे नौकरी या व्यावसायिक कारणों से देश के अन्य हिस्सों में रह रहे होते हैं।



केंद्रीय चुनाव आयोग इस बात पर विशेष ध्यान ऱखकर एक आधुनिक सिस्टम बनाने जा रहा है। ताकि वे लोग भी लोकतंत्र में पवित्र माने जाने वाले मतदान में भाग ले सकें।

आने वाले दिनों में, भारत का प्रत्येक नागरिक देश के किसी भी कोने से 'वोट' कर सकेगा। अब, मतदाता अपने राज्य में किसी दूसरे राज्य से भी वोट कर सकेंगे। इसके लिए केंद्रीय चुनाव आयोग IIT चेन्नई के साथ मिलकर एक ब्लॉक चेन सिस्टम तैयार कर रहा है।


मुख्य चुनाव आयुक्त के कमिश्नर सुनील अरोड़ा ने बुधवार को कहा की "यह एक अत्याधुनिक सिस्टम होगी, यदि राजस्थान का कोई व्यक्ति चेन्नई में काम कर रहा है, तो वह चेन्नई से राजस्थान चुनाव में मतदान कर सकेगा"। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि इस ब्लॉक चेन सिस्टम का यह अर्थ नहीं है कि कोई भी घर बैठे मतदान कर सकता है। दूसरे राज्यों में रहने वाले लोगों को भी वोट डालने के लिए एक सटीक जगह पर जाना पड़ेगा। इसके लिए बंधारण में शोध की आवश्यकता हो सकती है। अरोड़ा ने कहा कि ई.वी.एम. के साथ छेड़छाड़ संभव नहीं है और फिर से बैलट पेपर से चुनाव कराने का कोई सवाल ही नहीं है। चुनाव आयोग विभिन्न राजनीतिक सुधारों और आदर्श आचार संहिता के विषय पर विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ जल्द ही  बैठक करेगा।


 एक शोध के अनुसार, भारत में 4.5 करोड़ ऐसे नागरिक हैं, जो प्रवासी मतदाता हैं, जो अस्थायी रूप से देश के अन्य हिस्सों में रोजगार या व्यवसाय के लिए अपना घर या स्थान जहां उनका नाम मतदाता सूची में है वह छोड़कर रह रहे हैं।

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