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वेलनेस सेक्टर एक ऐसा करियर है जो जीवन में नई ऊर्जा का संचार करता है।

शरीर, मन और मस्तिष्क की थकान दूर करने और अपने जीवन को नई ऊर्जा से भरने का काम वेलनेस सेक्टर में किया जाता है। वेलनेस सेक्टर का विश्वव्यापी मार्केट 87.23 मिलियन डॉलर, यानी कि क़रीबन 6 बिलियन रुपये से अधिक है। हर युवा अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद एक अच्छी नौकरी की उम्मीद करता है। कौन नौकरी पसंद नहीं करता है जिससे लाखों रुपये का पैकेज मिलता हो, लेकिन एक अच्छी सैलॅरी वाली नौकरी पाने के लिए एक अच्छे क्षेत्र से पढ़ाई करना भी आवश्यक है ? नहीं यह सिर्फ एक गलत धारणा है, क्योंकि यह केवल इंजीनियरिंग या मैनेजमेंट में महारत हासिल करने के बाद संभव नहीं हो पाता है। वेलनेस सेक्टर से संबंधित कोर्स करके भी अच्छी आय अर्जित की जा सकती है। जबकि MBA या इंजीनियरिंग कोर्स करने वाले युवा भी इन दिनों आसानी से नौकरी नहीं पा सकते हैं, वेलनेस सेक्टर युवाओं को अच्छी नौकरी दे सकता है। यह इस कारण से है कि युवा अब वेलनेस सेक्टर को चुन रहे हैं। इस क्षेत्र में योग, ध्यान, पंचकर्म, पिलेट्स, माइंडफुलनेस, ज़ुम्बा, ज़ेन, एक्यूपंक्चर, एक्यूप्रेशर, अरोमाथेरेपी, स्पा, हीलिंग थेरेपी, फिजियोथेरेपी और रिट्रीट सेंटर जैसी कई गतिवि

फ्लोरल डेकोरेशन या फ्लावर डिजाइनिंग में अपना करियर बनाइए।

फ्लोरल डेकोरेशन और फ्लावर डिजाइनिंग के बिजनेस में भी दिन-ब-दिन बढ़ोतरी हो रही है। अगर हम भारत की बात करें तो फूलों के उद्योग का बाजार 100 करोड़ रुपये से अधिक है। फूलों का उपयोग कई तरह से किया जाता है। यदि आप फूलों की सजावट में रुचि रखते हैं, तो इसमें कई करियर्स स्कोप हैं। इतना ही नहीं, आप भारत में एक फ्लावर्स डिजाइनर के रूप में अपना स्वतंत्र व्यवसाय भी शुरू कर सकते हैं। फूलों की सजावट को हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कहा जा सकता है। जन्मदिन, स्वर्ण वर्षगांठ, त्योहारों, कार्यालय बैठकों, कार्यक्रमों, सम्मेलनों और शादियों में फूलों की सजावट को प्राथमिकता दी जाती है। फूलों का उपयोग दवा और कई खाद्य संबंधित वस्तुओं में भी किया जाता है। यही नहीं, फ्लोरल डेकोरेशन और फ्लावर डिजाइनिंग के बिजनेस में भी दिन-ब-दिन बढ़ोतरी हो रही है। अगर हम भारत की बात करें तो फूलों के उद्योग का बाजार 100 करोड़ रुपये से अधिक है। फूलों की सजावट की कला दुनिया भर में दशकों से है, क्योंकि फूलों और उनके सजावट का उपयोग हमारी दिनचर्या में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों में किया जाता है। राजनीति से लेकर