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जानिए नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC)/ राष्ट्रीय बचत पत्र के बारे में।

हाल ही में यश बेंक के कारनामों से हम सब परिचित तो है ही
औऱ पता नहीं अब कौनसी बेंक का दिवाला निकल जाए इस खयाल से आप सब चिंतित होंगे तो आज हम इसी चिंता से आपको मुक्त करवाने हेतु यह पोस्ट लाए है।


 नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) यह एक टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट है, यहाँ पर इन्वेस्ट किए हुए आपके पैसे सीधे सरकार के पास जाते है क्योंकि पोस्ट-ऑफिस सरकार के आधीन होती हैं औऱ इससे आपके पैसे को बहोत सेफ्टी मिलती है। राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) जिसे कोई भी भारतीय अपनी नजदीकी पोस्ट-ऑफिस से खरीद सकता है। भारत सरकार द्वारा समर्थित राष्ट्रीय बचत पत्र एक निश्चित रिटर्न और कम जोखिम वाला निवेश हैं।

 NSC आमतौर पर कम जोखिम वाले औऱ फिक्स्ड रिटर्न प्राप्त करने वाले निवेशकों की पहली पसंद है।


नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) के बारे में कुछ ख़ास बातें।  पहले NSC दो अवधि में उपलब्ध थे 5 वर्ष (NSC VIII) और 10 वर्ष (NSC IX)। NSC IX के बंद होने के साथ, वर्तमान में केवल 5 वर्ष की NSC उपलब्ध है।


 NSC को किसी भी भारतीय पोस्ट-ऑफिस से प्राप्त किया जा सकता है, और इसका मेच्योरिटी काल 5 साल है। मिनिस्ट्री ऑफ फाइनांस की घोषणाओं के…

आपके फेसबुक अकाउंट कीमत कितनी हैै? और आपके फेसबुक अकाउंट के जरिए फेसबुक कैसे कमता हैै अरबों रुपए?

फेसबुक हर साल अरबों रुपये कमा रहा है। फेसबुक की कमाई दो तरीकों से होती है। पहला फेसबुक पर विज्ञापन और सामग्री प्रचार के माध्यम से और दूसरा आपके डेटा के माध्यम से। डेटा के अनुसार एक अमेरिकी फेसबुक यूजर्स की फेसबुक प्रोफाइल की कीमत भारतीय रुपये में 10,000 रुपये से भी अधिक होती हैं। अब यह जानना अधिक महत्वपूर्ण है कि, भारतीय उपयोगकर्ताओं के प्रोफाइल की कीमत कितनी होंगी।

 फेसबुक की लोकप्रियता में गिरावट आई है लेकिन व्यापार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। 2018 और 2019 के वर्षों में, फेसबुक डेटा प्राइवेसी के आरोपों से घिरा हुआ था। फिर भी फेसबुक ने 2019 के अंत तक $ 6.88 बिलियन डॉलर की कमाई की थी। जिसके कारण फेसबुक की प्रॉफ़िट 30% बढ़कर $ 16.64 बिलियन डॉलर हो गई थी। दैनिक फेसबुक का उपयोग करने वाले लोग और मासिक आधार पर फेसबुक का उपयोग करने वाले सभी यूजर्स में लगभग 9% प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अब हर दिन दो मिलियन से भी अधिक यूजर्स फेसबुक पर सक्रिय बनते हैं।

आप फेसबुक पर एक डिजिटल प्रोडक्ट बने हुए हैं।   जैसा कि हम इंटरनेट का गणित जानता है, फेसबुक और इसकी जैसी वेबसाइट हमारे डेटा के माध्यम से पैसा कम…

BS-4 श्रेणी के वाहन गलती से भी न खरीदें क्योंकि …

सुप्रीम कोर्ट ने आज BS-4 वाहनों के संबंध में एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया।  सुप्रीम कोर्ट ने ने कहा कि देश मे स्टेज-4 (BS-4) श्रेणी के सभी वाहनों को 1 अप्रैल, 2020 से देश में नहीं बेचा जाएगा। केंद्र सरकार ने मोटर वाहनों में प्रदूषण के नियमन हेतु 1 अप्रैल, 2020 से भारत स्टेज-6 (BS-6) इंजन के निर्माण के नियमों को लागू करने जा रही हैं।

 सुप्रीम कोर्ट ने कार कंपनियों की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार, 14 फरवरी, 2020 को एक अहम फैसला किया।  इस फैसले के अनुसार, BS-4 इंजन वाले वाहनों को 31 मार्च, 2020 के बाद नहीं बेचा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में वाहन निर्माताओं के आवेदन को खारिज कर दिया है।
 इससे पहले, वाहन निर्माताओं द्वारा 30 अप्रैल, 2020 तक की समयसीमा के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका दाखिल की थी। 
 विश्लेषकों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के इस नए फैसले के बाद, कंपनियों को अपने सभी BS-4 इंजन वाले वाहनों को बाजार से वापस लेना होगा या फ़िर 31 मार्च, 2020 से पहले अपने सारे BS-4 वाहनों को बेचना होगा। हालांकि, अगर कोई ग्राहक 31 मार्च, 2020 से पहले किसी भी कारण से वाहन का पंजीकरण…

अब भारत का हर नागरिक देश के किसी भी कोने से 'वोट' कर सकेगा।

भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र माना जाता है। जिसमें अनुमानित 130 करोड़ लोग हैं इनमें से 90 करोड़ लोगों के पास मतदान करने का अधिकार है यानी कि 69.23% लोग वोट कर सकते हैं। लेकिन इनमें से अंदाज़न 30% ऐसे भी मतदाता है, जिनके मतदाता सूची में अपने नाम होने के बावजूद भी वे मतदान से वंचित हैं।, क्योंकि वे नौकरी या व्यावसायिक कारणों से देश के अन्य हिस्सों में रह रहे होते हैं।


केंद्रीय चुनाव आयोग इस बात पर विशेष ध्यान ऱखकर एक आधुनिक सिस्टम बनाने जा रहा है। ताकि वे लोग भी लोकतंत्र में पवित्र माने जाने वाले मतदान में भाग ले सकें।
आने वाले दिनों में, भारत का प्रत्येक नागरिक देश के किसी भी कोने से 'वोट' कर सकेगा। अब, मतदाता अपने राज्य में किसी दूसरे राज्य से भी वोट कर सकेंगे। इसके लिए केंद्रीय चुनाव आयोग IIT चेन्नई के साथ मिलकर एक ब्लॉक चेन सिस्टम तैयार कर रहा है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के कमिश्नर सुनील अरोड़ा ने बुधवार को कहा की "यह एक अत्याधुनिक सिस्टम होगी, यदि राजस्थान का कोई व्यक्ति चेन्नई में काम कर रहा है, तो वह चेन्नई से राजस्थान चुनाव में मतदान कर सकेगा"। हालांकि, उन्होंन…

क्या आप भी महीने में 30 हजार रुपये कमाना चाहते हैं? सरकार की इस स्टार्टअप पर 2.50 लाख तक की सहायता।

केंद्र सरकार जन औषधि केंद्रों की संख्या बढ़ाने जा रही है।  2020 के अंत तक, देश के सभी हिस्सों में एक जन औषधि केंद्र खोला जाएगा, जहां ग्रामीण स्तर पर लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएँ मिल सकेंगी। सरकार की यह घोषणा उन लोगों के लिए है जो इस क्षेत्र में व्यवसाय करना चाहते हैं। देश में अब तक लगभग 5,000 जन औषधि केंद्र खोले गए हैं। तो आप भी जन औषधि केंद्र खोलकर लगभग 30 हजार महीने कमा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि आप एक जन औषधि केंद्र कैसे खोल सकते हैं।


जन औषधि केंद्र से जुड़ी कुछ बाते, इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?

 पहली श्रेणी में कोई भी बेरोजगार फार्मासिस्ट, डॉक्टर, पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर यह स्टोर खोल सकता है। दूसरी श्रेणी में ट्रस्टों, NGO, निजी अस्पतालों, समाज और स्वयं सहायता समूहों को स्टोर खोलना मौक़ा मिलेगा।  तीसरी श्रेणी में राज्य सरकार द्वारा नामित एजेंसी यह स्टोर खोल सकती हैं। स्टोर खोलने के लिए 120 वर्गफुट क्षेत्र में स्टोर होना आवश्यक है।

सरकार से 2.5 लाख की सहायता मिलेगी।

  जन औषधि केंद्र खोलने की कुल लागत 2.5 लाख रुपये तक होगी। और जन औषधि केंद्र खोलने वाले को …

केंद्र सरकार का राशन कार्ड पर बड़ा फैसला, वन नेशन वन राशन कार्ड योजना 1 जून से पूरे देश में लागू कर दी जाएगी।

सरकार ने संसद में कहा कि वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत 1 जून से पूरे देश में एक राशन कार्ड योजना लागू की जाएगी। यह योजना अभी 12 राज्यों में लागू है। उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के मंत्री रामविलास पासवान ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न का उत्तर दिया कि देश में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को मदद करने के लिए 1 जून से वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को लागू कर दिया जाएगा।

 पासवान ने कहा कि, 2013 में 11 राज्यों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लागू होने के बाद सभी राज्य इसके दायरे में आ गए हैं।

 उन्होंने कहा कि योजना के अगले चरण में, सरकार ने 1 जनवरी से पूरे देश के लिए वन नेशन वन राशन कार्ड योजना शुरू कर दि है। 12 राज्य आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, कर्नाटक, राजस्थान, हरियाणा, त्रिपुरा, गोवा, झारखंड और मध्य प्रदेश से यह सेवा शुरू कि गई हैं।


उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत किसी को भी राशन कार्ड के लिए नए कार्ड की आवश्यकता नहीं है। वहीं, पासवान ने नए कार्ड जारी करने की अफवाहों के बारे में चेतावनी देते हुए कहा…

अमूल अपने दूध की कीमतों पर प्रति लीटर 4 से 5 रुपये की बढ़ोतरी की सोच रहा है। जाने ऐसा क्यों हो रहा है?

महंगाई शब्द से ही अब आम जनता को डर लगने लगा है।देश की जानीमानी दूध उत्पादक कंपनी अमूल ने फिर से दूध की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है। अमूल के मेनेजिंग डिरेक्टर आर.एस. सोढ़ी ने एक इंटरव्यू में कहा प्रति लीटर दूध की कीमत में रु 4 से 5 और प्रति लीटर दूध उत्पादों पर रु 8 से 10 तक बढ़ने की संभावनाएं हैं।



महंगाई की एक और मार।अमूल डेरी दूध की कीमत प्रति लीटर बढ़ाएगी।अमूल के एम.डी. सोढ़ी का संकेत।

 उन्होंने कहा हैं कि जिन कंपनियों के पास अधिक दूध सप्लाई करने की क्षमता है, उन्हें वर्ष 2020 में अधिक लाभ होगा।

 उन्होंने यह भी कहा कि डेरी कंपनियों ने पिछले तीन वर्षों में दो बार दूध की कीमतों में वृद्धि की है। इस कारण से, डेरी किसानों की आय 2018 की तुलना में 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ी है।
दिसंबर - 2019 में की गई सबसे ज्यादा बढ़ोतरी।  यहां उल्लेखनीय है कि अमूल ने, दिसंबर - 2019 में उसके अपने दूध की क़ीमत में प्रतिलीटर रु 2 की बढ़ोतरी की थी। इसी तरह मधर डेरी  ने भी अपने विभिन्न प्रकार के दूध की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर का बढ़ावा किया था। अमूल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में उसने दो बार दूध की कीमतों …

Airtel ने भारत के 11 सर्कलों में अपनी 3G Network की सेवाएं बंद कर दी है।

Airtel ने भारत के 11 सर्कलों में अपनी 3G Network की सेवाएं बंद कर दी है।

 टेलीकॉम दिग्गज Bharti Airtel ने बुधवार को 11 सर्कलों में 3G Network बंद कर दिया है - कंपनी के शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी है। Airtel की योजना इस साल के मार्च तक मौजूदा स्पेक्ट्रम में तेजी लाने और इसे अपने 4 जी नेटवर्क पर अपग्रेड करने की है। टेलीकॉम सेक्टर में जबरदस्त होड़ के बीच Airtel का मकसद सब्सक्राइबर्स को हाई स्पीड इंटरनेट देना है। पिछले साल अगस्त में, कंपनी ने मार्च 2020 तक पूरे देश में 22 टेलीकॉम सेक्टर में अपने 3G Network को बंद करने की घोषणा की थी।


3G Network को बंद करके, कंपनी उच्च-लागत वाले उपयोगकर्ताओं को बेहतर सेवा प्रदान करने पर अपना ध्यान केंद्रित करेगी।

 Bharti Airtel ने पिछले साल जुलाई में 3G Network बंद करने की प्रक्रिया शुरू की थी।


 कोलकाता के बाद, कंपनी ने हरियाणा और पंजाब सर्कल में 3G सेवाओं को बंद कर दिया। हालांकि, टेलीकॉम कंपनी फीचर फोन में ग्राहकों को अभी भी 2G सेवा दे रही है।

 इससे पहले, Airtel ने इस महीने की शुरुआत में दिल्ली NCR में अपनी 3G सेवाओं को बंद कर दिया था।  Bharti Airtel …

भारत मे e-vehicle का भविष्य बहोत ही शानदार रहने वाला है।

भारतीयों का e-vehicle खरीदने का सपना अब सच होने वाला है। ऑटो निर्माता अगले तीन वर्षों में 3 से 4 नए इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं। इनमें से लगभग एक दर्जन सेगमेंट में 10 लाख रुपये से कम कीमत के e-vehicle होंगे।


 Tata Motors और Mahindra and Mahindra Ltd. जैसे भारतीय वाहन निर्माताओं द्वारा वाहनो के विद्युतीकरण का अभियान शुरू हो गया है। ये कंपनियां आधा दर्जन e-vehicle लॉन्च करेंगी। इसके अलावा, Toyota - Suzuki, Hyundai Motor और MG Motor ने भी भारत में आने वाले सालों में अपने e-vehicle वाले सेगमेंट को लॉन्च करने  की घोषणा कर दी है। भारत के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हालांकि, स्थानीय वाहन निर्माता लागत को कम रखने की पूरी कोशिश करेंगे।

 Tata Motors ग्रूप के मुख्य फाइनांशियल ऑफिसर पी. बालाजी ने कहा कि - "Tata Motors इलेक्ट्रिक वेरिएंट के साथ मॉड्यूलर पेट्रोल या डीजल आधारित vehicle आर्किटेक्चर का उपयोग करेगी।" औऱ उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि इंटरनल कॉम्ब्स्टन इंजन के चेसिस को e-vehicle में परिवर्तित करने में 200 …

बजट: आजाद भारत का पहला बजट किसने पेश किया था? पहला बजट कितना था?

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1st फरवरी यानी की आज बजट पेश करने वाली हैं। देश ने आजादी के बाद से कुल 26 वित्त मंत्री देखे हैं। 1947 से, कुल 89 बजट पेश किए गए हैं, निर्मला सीतारमण इस बार 89 वां बजट पेश करेंगी।
भारत का पहला बजट 171.85 करोड़ रुपये था।भारत का पहला बजट साढ़े 7 महीने के लिए पेश किया गया था।उस समय शाम 5 बजे बजट पेश किया गया था।
आजादी के बाद देश का पहला बजट तत्कालीन वित्त मंत्री आर.के. शनमुखम शेट्टी द्वारा 1947 को जारी किया गया था।

15 अगस्त को लगभग साढ़े 7 महीने का बजट,1947 से 31 मार्च, 1948 तक पेश किया गया। इस बजट में, रेवेन्यू बढ़ाने का लक्ष्य 171.85 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था। राजकोष खाते का लक्ष्य 204.59 करोड़ रुपये था।
तब भारत-पाकिस्तान की मुद्रा एक ही थी। बजट में यह भी सहमति थी कि भारत और पाकिस्तान सितंबर 1948 तक एक ही मुद्रा का उपयोग करेंगे। पहला बजट पेश करते हुए शेट्टी ने कहा था कि "मैं आजाद भारत का पहला बजट पेश करूंगा। यह एक ऐतिहासिक घटना है और मुझे खुशी है कि मुझे इस बजट को प्रस्तुत करने का अवसर मिला। सम्मान के साथ-साथ, मेरे पास एक जिम्मेदारी की भा…

भारत की पहली साइबर क्राइम प्रिवेंशन यूनिट “AASHVAST” गुजरात में हुईं लॉन्च।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के गांधीनगर में भारत की पहली साइबर क्राइम प्रिवेंशन यूनिट “AASHVAST” को लॉन्च किया।  AASHVAST के साथ, उन्होंने 2 अन्य परियोजनाएं VISWAS और Netrang को भी शुरू किया।


AASHVAST परियोजना साइबर क्राइम पीड़ितों के लिए एक हेल्पलाइन के रूप में कार्य करेगी। यह परियोजना गुजरात पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी जो गुजरात के आम लोगों को साइबर सुरक्षा और समाधान प्रदान करेगी। प्रोजेक्ट AASHVAST से गुजरात राज्य में साइबर क्राइम को तत्कालीन रूप में रोका जाएगा।

AASHVAST के साथ, वीडियो इंटीग्रेशन एंड स्टेट वाइड एडवांस सिक्योरिटी प्रोजेक्ट, जिसे VISWAS भी कहा जाता है, उसे लॉन्च किया गया है।

VISWAS के तहत पुलिस को काफ़ी मदद मिलेगी जैसे कि; लॉ एंड ऑर्डर मैनेजमेंट, प्रोएक्टिव ट्रैफिक मैनेजमेंट और कंट्रोल, वीडियो एनालिटिक्स की मदद से क्राइम डिटेक्शन और घटना की जांच और वीडियो फोरेंसिक। इसके साथ प्रोजेक्ट 'Netrang' के तहत राज्य के 33 जिलों में कमांड और कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।


भारत में NCRB (नेशनल क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो)
के अनुसार साइबर क्राइम साल 2016 और 2017 के बीच…

'वन नेशन, वन राशन कार्ड': योजना की शरूआत गुजरात सहित 12 राज्यों में 15 जनवरी से की जाएगी।

'वन नेशन, वन राशन कार्ड': योजना की शरूआत गुजरात सहित 12 राज्यों में 15 जनवरी से की जाएगी।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार का 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना देश के 12 राज्यों में अगले 15 जनवरी से लागू हो जाएगी। इस योजना के तहत, लाभार्थी देश के किसी भी हिस्से में स्थित राशन की दुकानों से सबसिडी वाला अनाज खरीद सकते हैं।

धीरे-धीरे इस योजना को देश के अन्य राज्यों में भी लागू किया जाएगा।


शुरुआत में यह योजना गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, हरियाणा, राजस्थान, कर्नाटक, केरल, गोवा, मध्य प्रदेश, त्रिपुरा और झारखंड में लागू की जाएगी।

ये सभी राज्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS -पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम) की पात्रता का उपयोग करते हुए इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ePoS) मशीनों का उपयोग करेंगे, जिन्हें 12 राज्यों के सभी राशन की दुकानों में स्थापित किया गया है।

PDS: पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम क्या हैं?सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) एक भारतीय खाद्य सुरक्षा प्रणाली है। भारत में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधीन तथा भारत सरकार  द्वारा स्थापित और राज्य सरकारों के स…

खाने-पीने की किसी भी खाद्य सामग्री का लैब में परीक्षण करवाएं, अगर परीक्षण में कुछ भी गलत साबित हुआ तो आपको रिफंड मिलेगा।

खाने-पीने की किसी भी खाद्य सामग्री का लैब में परीक्षण करवाएं, अगर परीक्षण में कुछ भी गलत साबित हुआ तो आपको रिफंड मिलेगा।
सरकार ने खाद्य सुरक्षा पर एक बड़ा फैसला किया है, जो उपभोक्ताओं के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है, अब उपभोक्ता लैब में किसी भी खाद्य सामग्री का परीक्षण करवा सकता हैं। यदि आपके परीक्षण में दिये गए नमूने में कुछ भी गलत साबित होता है, तो परीक्षण के लिए आपसे लि गई धन राशि आपको वापस कर दि जाएगी। कुछ समय पहले, परीक्षण में दी जाने वाली भोजन सामग्री परीक्षण में खरा नहीं उत्तर पाती थी, तो ग्राहक को उस नमूने के परीक्षण में लगाई गई धन राशि वापस नहीं मिलती थी।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) का कहना है कि इस सुविधा से खाने-पीने वाली सामग्रीयो की गुणवत्ता में सुधार होगा। FSSAI कहना है कि कोई भी व्यक्ति इस प्रकार का परीक्षण करवा सकता है, लेकिन उसे यह परीक्षण किसी उपभोक्ता संगठन के माध्यम से करना होगा।

हमारे यहाँ, अक्सर लोगों को खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता को लेकर शिकायत होने के बावजूद जांच नहीं करवा पाते है। इसका मुख्य कारण परीक्षण का लागत है। प्रशासनिक प्रणाली का मान…

क्या है नागरिकता संसोधन बिल? कल राज्यसभा में नागरिकता बिल पास हुआ। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिन को ऐतिहासिक बताया।

क्या है नागरिकता संसोधन बिल?

  सरकार ने जो वर्तमान नागरिकता कानून सुधार बिल पेश किया है, उसमें कहा गया है कि भारतीय, सिख, पारसी, ईसाई, बौद्ध आदि, जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत के शरणार्थी हैं, उन्हें भारतीय नागरिकता अब दी जाएगी, लेकिन उसमे उन्होंने  मुसलमानों को शामिल नहीं किया गया है।

  जो लोग 31 दिसंबर 2014, की तय की गई तारीख़ से पहले भारत में आश्रित हुए हैं। वे लोग वर्तमान प्रावधान के अनुसार भारतीय नागरिकता के लिए सरकार से अपील कर सकते हैं। पहले भारतीय नागरिकता के लिए 11 साल तक यहां रहना आवश्यक होता था। लेकिन वर्तमान प्रावधान के अनुसार, शरणार्थियों के लिए ये समय अब सिर्फ 6 साल कर दिया गया हैं। अगर इस तरह के किसी भी शरणार्थी पर देश में कोई मुकदमा चल रहा है, तो वह ऐसे शरणार्थियों को नागरिकता प्राप्त करने से नहीं रोकेगा।

  यदि ओ.सी.आई. कार्डधारक अपनी शर्तों का उल्लंघन करता है, तो केंद्र को कार्ड रद्द करने का अधिकार होगा। लेक़िन इस बात पर उन लोगों की भी सुनी जाएगी।

राज्यसभा से बिल के समर्थन के बाद, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिन को ऐतिहासिक बताया।
A landmark day for In…

यदि आपकी नौकरी चली जाती है, तो आपको 2 साल के लिए मिलेगा पैसा - सरकार का बड़ा बयान।

यदि आप प्राइवेट कम्पनि में नौकरी करते हैं और अचानक आपकी नौकरी चली चली जाय तो आप क्या करेंगे?


इसके लिए सरकार प्राइवेट कम्पनियों में नौकरी कर रहे कर्मचारियों के लिए एक बड़ी योजना लेकर आई है। यदि कुछ सँजोग के तहत आप अपनी रोजगार खो चुके हों तो सरकार आपको 24 महीने यानी की पूरे 2 साल के लिए आपको अपना जीवन निर्वाह करने हेतु धन राशि देगी। प्राइवेट कम्पनियों के कर्मचारियों को कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी और इसके साथ ही व्यक्ति कल्याण योजना के तहत सहायता प्रदान की जाएगी।


ESIC है क्या?

कर्मचारी राज्‍य बीमा निगम (Employee State Insurance Corporation), भारतीय कर्मचारियों के लिये बीमा धनराशि का प्रबन्धन करता है। कर्मचारी राज्‍य बीमा, भारतीय कर्मचारियों के लिये चलायी गयी स्व-वित्तपोषित सामाजिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य बीमा योजना है। सभी स्थायी कर्मचारी जो 21,000 रूपये प्रतिमाह से कम वेतन पाते हैं, इसके पात्र हैं। इसमें कर्मचारी का योगदान 0.75 प्रतिशत तथा रोजगार प्रदाता का योगदान 3.25 प्रतिशत होता है।

रोजगार छूटने का मतलब आय की हानि नहीं है,ईएसआईसी रोजगार की अनैच्छिक…

FASTag के बारे में सारी जानकारी।

FASTag के बारे में सारी जानकारी।
FASTag है क्या?
टोल प्लाज़ा पर वाहनों के आवागमन को कम करने के लिए, भारत सरकार (GOI) ने सभी टोल प्लाज़ा पर 15 दिसंबर, 2019 तक टोल भुगतान इलेक्ट्रॉनिक बनाना अनिवार्य कर दिया है। इस आदेश के साथ, टोल प्लाज़ा से यात्रा करने वाले सभी वाहनों को अनिवार्य रूप से जाना होगा  FASTag का उपयोग करके टोल शुल्क का भुगतान करें।

FASTag का उपयोग बहोत ही सरल है, पुनःउपयोग करने योग्य टैग जो टोल शुल्क की स्वयं ही भरपाई करता है और आपको नकद लेनदेन के लिए बिना रुके टोल प्लाजा से गुजरने देता है।  FASTag एक प्रीपेड खाते से जुड़ा हुआ है जिसमें से लागू टोल राशि काटी जाती है।  टैग रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक से बना हुआ है और टैग अकाउंट के सक्रिय होने के बाद वाहन की विंडस्क्रीन पर चिपका दिया जाता है।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर परेशानी मुक्त यात्रा के लिए FASTag एक सही समाधान है।  FASTag वर्तमान में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर 407 टोल प्लाजा में सक्रिय हो चुका है। भविष्य में और अधिक टोल प्लाज़ा को फास्टैग कार्यक्रम के तहत लाया जाएगा।

सरकार FASTag को कब से लागू कर रही है…

क्या सच मे बंध हो जाएगी सारी टेलीकॉम कंपनिया? क्यों 90 हजार करोड़ का फ़ाईन लगा पूरे टेलीकॉम इंडस्ट्रीज को?

भारत में अभी जो सबसे अमीर आदमी है वो आपसे एक मिनट की कॉल का 6 पैसे ले रहा है तो भाई सच मे भारत में मंदी आ चूकि हैं।


यहाँ पे सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला आया हैं की सारी टेलीकॉम कंपनिया को मिलाके भारत सरकार को पूरे 90 हजार करोड़ रुपये देने होंगे।
तो क्या सारी टेलीकॉम कंपनिया बंध हो जाएगी ? या फिर मार्किट में एक ही jio रहेगा ?
सुप्रीम कोर्ट  के इस फैसले के बाद क्या क्या हो सकता है? चलिए उसके बारे में जानते हैं।

भारत में सिर्फ गिने चुने नेटवर्क ही बचे हुए हैं जैसे कि jio, airtel, idea/vodafone और bsnl/mtnl.


आप जो कॉल करते हो वो पहले फ़्री था पर अब आप को 1 मिनिट के 6 पैसे प्रति मिनिट देने होंगे सिर्फ jio के नेटवर्क में बाकी नेटवर्क पर यह अभी तक फ़्री है पर आगे यह फ़्री नहीं रहेगा।

यह 6 पैसे क्यों ले रहा है jio, तो इस बात पे jio ने बताया है कि यह IUC चार्ज के तहत ले रहा है।

यह TRAI का एक rule है जिसमें एक टेलीकॉम ऑपरेटर जो outgoing कर रहा हैं उसे incoming टेलीकॉम ऑपरेटर को 6 पैसा प्रति मिनिट देने होंगे।

अब से reliance jio में आप को outgoing calls के 108 रुपए प्रति माह ज्यादा देना होंगा पर दूसरी टेलीकॉम क…